आईजेयू का प्रेस वक्तव्य

पत्रकारों की सुरक्षा पर आईजेयू का फैसला: 2 अक्टूबर को मनेगा मांग दिवस, मीडिया कमीशन और सुरक्षा कानून की मांग

नई दिल्ली। देश में पत्रकारों के सबसे बड़े प्रतिनिधि संगठन ‘इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन’ (IJU) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (NEC) की दो दिवसीय बैठक हाल ही कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में संपन्न हुई। कर्नाटक स्टेट जर्नलिस्ट्स यूनियन (KSJU) की मेजबानी में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आईजेयू अध्यक्ष बलविंदर सिंह जम्मू ने की। बैठक में देश के 16 राज्यों से आए राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों, राज्य इकाइयों के अध्यक्षों, महासचिवों और विशेष आमंत्रितों ने हिस्सा लिया।

बैठक के पहले दिन “क्या पत्रकारिता और श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा की आवश्यकता है?” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने विचार रखे। इनके अलावा तेलंगाना मीडिया अकादमी के अध्यक्ष के. श्रीनिवास रेड्डी, कर्नाटक मीडिया अकादमी की अध्यक्ष आयशा खानम, आईजेयू के पूर्व अध्यक्ष एस.एन. सिन्हा, अमर देवुलापल्ली और वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल रजाक ने भी पत्रकारों पर बढ़ते दबाव और सुरक्षा की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। बैठक में महासचिव डी. सोम सुंदर ने अमरावती (विजयवाड़ा) में आयोजित 11वें महाधिवेशन के बाद की संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

आईजेयू का प्रेस वक्तव्य
आईजेयू का प्रेस वक्तव्य

दो दिवसीय गंभीर मंथन के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए और आगामी 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर देशव्यापी ‘मांग दिवस’ (Demands Day) मनाने का आह्वान किया। इसके तहत देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्रकारों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

राष्ट्रीय मीडिया कमीशन का गठन: पत्रकारिता क्षेत्र की समग्र चुनौतियों और विकास के लिए तत्काल राष्ट्रीय मीडिया आयोग बनाया जाए।

पत्रकार सुरक्षा कानून: पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय स्तर पर सख्त राष्ट्रीय कानून लागू हो।

श्रमजीवी पत्रकार कानून की बहाली: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया कर्मियों के वेतन और कार्यदशाओं को सुरक्षित करने के लिए ‘वर्किंग जर्नलिस्ट्स एक्ट’ को आवश्यक संशोधनों के साथ तुरंत बहाल किया जाए।

इसके साथ ही आईजेयू ने 24 और 25 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद (तेलंगाना) में दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय महिला पत्रकार सम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। संगठन ने सभी राज्य इकाइयों से इस सम्मेलन में महिला पत्रकार प्रतिनिधियों को भेजने का आह्वान किया है।