राजस्थान पत्रकार परिषद राजस्थान के पत्रकारों का पुराना और प्रभावशाली संगठन है। इसकी स्थापना वर्ष 1988-89 के दौरान वरिष्ठ पत्रकार स्व. श्री गिरिराज प्रसाद मित्तल और अन्य पत्रकार साथियों द्वारा की गई थी। यह संगठन प्रभावशाली तरीके से राजस्थान में काम करता रहा। लेकिन, गिरिराज प्रसाद मित्तल के सरकारी सेवा में आने के कारण इसकी गतिविधियां कालांतर में ठप प्रायः हो गई थी। काफी समय तक यह संगठन लगभग निष्क्रिय रहा।
पुनः सक्रिय और प्रभावशाली संगठन बनाः
इसके बाद वर्ष 2007-08 के दौरान फिर राजस्थान के कुछ वरिष्ठ पत्रकार साथियों जैसे गिरिराज अग्रवाल, एल. एल. शर्मा, रोशन लाल शर्मा, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, श्याम सोनी, रोहित कुमार सोनी समेत कई पत्रकारों ने राजस्थान पत्रकार परिषद को फिर से सक्रिय करने का फैसला लिया। इसके तहत इस संगठन का सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीयन कराया गया। इसके साथ ही संगठनात्मक गतिविधियां शुरू की गईं। इनमें पत्रकार साथियों के मेधावी बच्चों को प्रतिमाह स्कॉलरशिप, स्नेह मिलन एवं सामूहिक गोठ, स्मारिका प्रकाशन, पत्रकारों को प्राइवेट अस्पतालों में रियायती दर पर इलाज की सुविधा दिलाने जैसे कई कार्य किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार साथी इस संगठन से जुड़े।
कोविड कालः
साल 2019-20 के दौरान कोविड-19 आने और उसका असर 2-3 साल तक बने रहने के कारण संगठन की गतिविधियां फिर से धीमी पड़ गई। कतिपय कारणों से न तो संगठन विस्तार पर काम हो सका और ना ही कार्यक्रमों के ज्यादा आयोजन हो सके। हालांकि इस दौरान भी पत्रकार परिषद की ओर से पत्रकार साथियों के लिए विद्याधर नगर में सामूहिक गोठ जैसे कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
वर्तमान स्वरूपः
राजस्थान पत्रकार परिषद वर्तमान में पूरी तरह सक्रिय और प्रभावशाली संगठन है। संगठन विस्तार के साथ-साथ संगठनात्मक गतिविधियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। प्रदेश कार्यकारिणी की नियमित बैठकें हो रही हैं। गत 19 जुलाई, 2025 को जयपुर के अशोक उद्यान में अनेक पत्रकार साथियों द्वारा मां के नाम एक पेड़ अभियान में पौधारोपण किया गया। भीलवाड़ा इकाई द्वारा भी भीलवाड़ा में कई आयोजन किए गए हैं। राजस्थान पत्रकार परिषद द्वारा ही पत्रकारों के लिए डेडीकेटेड मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम बनाए जाने की मांग उठाई। इसके बाद राजस्थान सरकार द्वारा RJHS स्कीम लागू की गई। इसमें पत्रकारों को 10 लाख रुपए तक का संबद्ध निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज कराए जाने की सुविधा है। अब पत्रकार परिषद की ओऱ से इस स्कीम में ओपीडी यानि आउटडोर की सुविधा भी जोड़े जाने की मांग उठाई गई है।
राष्ट्रीय स्तर पर संबद्धताः
राजस्थान के पत्रकारों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करने के उद्देश्य से राजस्थान पत्रकार परिषद को देश के सबसे बड़े और प्रभावशाली संगठन इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के साथ संबद्ध किया गया है। इस संगठन की देश के 26 राज्यों में इकाइय़ां कार्यशील हैं। इनमें 28000 से ज्यादा पत्रकार साथी सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं। इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन की नियमित रूप से नेशनल एक्जीक्यूटिव की मीटिंग और अधिवेशन हो रहे हैं। इनमें पत्रकारों और पत्रकारिता से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों से मिलकर समाधान करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन की ताजा नेशनल एक्जीक्यूटिव मीटिंग 4-5 अक्टूबर, 2025 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित हुई। इसमें 25 राज्यों के करीब 150 जर्नलिस्ट पदाधिकारी सम्मिलित हुए। इस मीटिंग की मेजबानी करने का अवसर राजस्थान पत्रकार परिषद को मिला था।
जय राजस्थान, पत्रकार एकता जिंदाबाद।