शाहजहांपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने के प्रकरण की रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणियों को लेकर पत्रकारों के विरुद्ध हुई पुलिस कार्रवाई ने पत्रकार संगठनों को आक्रोशित कर दिया है। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (पंजीकृत) ने हुदा जरीवाल और पत्रकार पूजा माथुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी किए जाने की कड़ी निंदा की है।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश त्रिवेदी एवं प्रदेश महामंत्री रमेश शंकर पांडे ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सहारनपुर जिला प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण रवैया करार देते हुए तत्काल समीक्षा की मांग की।
यूनियन नेताओं के अनुसार, ग्रेटर नोएडा निवासी हुदा जरीवाल, जो पूर्व में बीबीसी और सऊदी टीवी से जुड़ी पत्रकार रही हैं तथा आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता बताई जाती हैं, के विरुद्ध प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संबंध में कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में थाना कुतुब शहर में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। इसी मामले से जुड़े घटनाक्रम में पत्रकार पूजा माथुर के खिलाफ भी मस्जिद प्रकरण की ग्राउंड रिपोर्ट दिखाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
ग्राउंड रिपोर्टिंग अपराध नहींः
प्रदेश महामंत्री रमेश शंकर पांडे ने कहा कि किसी घटनास्थल की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखना पत्रकार का मूल दायित्व है। यदि किसी रिपोर्ट में तथ्यात्मक त्रुटि है अथवा किसी टिप्पणी पर आपत्ति है तो उसका जवाब लोकतांत्रिक वह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए पत्रकार को गिरफ्तार करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा पत्रकारिता पर दबाव बनाना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं हैसरकार और प्रशासन से सवाल पूछना और किसी भी घटना की स्वतंत्रता रिपोर्टिंग करना एक पत्रकार का संवैधानिक दायित्व है उन्होंने मांग की कि पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की समीक्षा कर उसे वापस लिया जाएऔर किसी भी प्रकार की अनावश्यक दण्डात्मक कार्यवाही तत्काल रोकी जाए।
पत्रकारों को डराने धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहींः
प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजेश त्रिवेदी ने कहा यूनियन सदैव पत्रकारों की उत्प्रेरण की आवाज को उठाती रही है उन्होंने कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई का यूनियन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
उन्होंने कहा पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रहार सीधे लोकतंत्र की आवाज पर प्रहार है प्रशासन को चाहिए कि वह पत्रकारों के साथ टकराव का रास्ता छोड़कर निष्पक्ष जांच व संवाद का रास्ता अपनाएं। यूनियन में मुख्यमंत्री से संज्ञान लेकर सहारनपुर में पत्रकारों के विरुद्ध कोई कार्यवाही की निष्पक्ष जांच व समीक्षा कराने व दोनों महिला पत्रकारों के विरुद्ध सर्च फिर वापस लेने की मांग की है।